भारत दिव्यदर्शन | महर्षि पराशर के जीवन की आश्चर्यजनक सत्य कथाएं | भाग -1

महर्षि पराशर के जीवन की आश्चर्यजनक सत्य कथाएं ‘पराशर’ शब्द का अर्थ है – ‘पराशूणाति पापानीति पराशरः’ अर्थात् जो दर्शन-स्मरण करने से ही समस्त पापों का नाश करता है, वही पराशर है। पराशर के पिता का नाम शक्तिमुनि था और उनकी माता का नाम अद्यश्यन्ती था। शक्तिमुनि वसिष्ठऋषि के पुत्र और वेदव्यास के पितामह थे। इस आधार पर पराशर वसिष्ठ के पौत्र थे। शक्तिमुनि का विवाह तपस्वी वैश्य चित्रमुख की कन्या अदृश्यन्ती से हुआ था। कहते हैं ऋषि पराशर 12 वर्ष तक अपनी माता के गर्भ में रहे थे माता के गर्भ में रहते हुए पराशर ने पिता के मुँह से ब्रह्माण्ड पुराण सुना था,भारत दिव्यदर्शन की इस प्रस्तुति में अयोध्या के राजकुमार वीरसह शक्तिमुनि के श्राप के कारण कल्माषपाद नामक राक्षस बन जाता है और क्रोधित होकर शक्ति मुनि सहित ऋषि वशिष्ठ के सौ पुत्रों को खा जाता है ऋषि पराशर को जब इस बात का पता चलता है तो वे समस्त राक्षस जाति का अन्त कर देने की प्रतिज्ञा करते है।

Astonishing Truth Stories of the Life of Maharishi Parashar The word ‘Parashar’ means the word ‘Parashunuti papaneeti Parashar:’ that is, the one who destroys all sins by remembering and sighting, That is Parashar. Parashar’s father’s name was Shaktimuni and his mother’s name was Adhyashyanti. Shaktamuni was the son of Vasishtha Rishi and the father of Vedavyasa. On this basis, Parashar was the grandson of Vashishtha. Shaktamuni’s marriage was made from the ascetic Vaishya chitramukh’s daughter adhyashyanti. It is said that Sage Parashar was in his mother’s womb for 12 years. While living in the womb of the mother, Parashar had heard the Brahmaand Purana when his Father promouncing veda.

भारत दिव्यदर्शन की इस प्रस्तुति में अयोध्या के राजकुमार वीरसह शक्तिमुनि के श्राप के कारण कल्माषपाद नामक राक्षस बन जाता है और क्रोधित होकर शक्ति मुनि सहित ऋषि वशिष्ठ के सौ पुत्रों को खा जाता है ऋषि पराशर को जब इस बात का पता चलता है तो वे समस्त राक्षस जाति का अन्त कर देने की प्रतिज्ञा करते है।

In this presentation of Bharat Divyadarshan Due to the curse of Shaktamuni Veersah Prince of Ayodhya becomes a monster called Kalmashpad.Because of the curse angry veersah ate the hundred sons of Rishi Vashishta with Shakti Muni. When sage Parashar became to know that his father was killed by a monster, he decided to destroy all the monster castes from the earth.

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