भीम और उसकी विस्मयकारी यात्राएं अब एनिमेशन सीरीज में

5००० साल पहले जब पांडव द्रौपदी व् अपनी माता सहित अज्ञातवास  बिता रहे थे,एक दिन द्रौपदी जब वन विहार कर रही थी तो अचानक कहींसे एक पुष्प वहां आ गिरा।

उत्सुकता वश द्रौपदी ने वह पुष्प तुरंत उठा लिया क्योंकि पुष्प अदिवित्य था और आलौकिक प्रकाश से जगमगा रहा था तथा वहां का समस्त वातावरणमनमोहक खुशबू से भर गया। तब द्रौपदी ने भीम से उन जैसे और पुष्पों की इच्छा व्यक्त की उसकी इच्छा जान कर भीम तुरंत ही उन पुष्पों की खोज मेंचल पड़े,परंतु इस खोज यात्रा के दौरान उन्हें बहुत सी कठिनाइयों और दुर्गम रास्तों से होकर गुजरना पड़ा जिसके परिणाम स्वरुप वे अति क्रोधित होनेलगे, कठिनाइयों का सामना करते हुए उनकी जादुगरनी कुशाला से अत्यंत रोमांचक मुठभेड़ हुई परंतु उससे पहले उनकी भेंट एक जीर्ण और बूढ़े वानरसे हुई जो अपनी लंबी पूंछ रास्ते में फैलाकर आराम कर रहा था,क्रोध में भरे भीम ने उसे अपनी पूंछ हटाने को कहा परंतु बूढ़े वानर ने उन्हें कहा किवह स्वयं पूँछ को हटा कर आगे निकल जाए। भीम अपने समस्त बल का प्रयोग करके भी उस पूँछ को तिल भर न हटा सके और आवेश में आ कर उसने बूढ़े वानर को अपशब्द कहे और युद्ध के लिए ललकारा। तब बूढ़े वानर का आकार अप्रत्याशित रूप से बढ़ने लगा और अति विकराल हो गया।

कौन था उस अति विकराल वानर रूप में?

क्या भीम उस पर विजय प्राप्त कर पाए?

भीम को कैसी मुसीबतों का सामना करना पड़ा?

जादूगरनी कुशाला कौन थी?

क्या भीम दिव्य पुष्प प्राप्त कर सके?

इन सब प्रश्नों का उत्तर आपको मिलेगा भीम और उसकी विस्मयकारी कहानी श्रृंखला में जो बहुत ही जल्द एनीमेशन सीरीज के रूप में आ रही है।

देखें कहानी के कुछ अंश-

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s